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March 2020
संपादकीय न्यूज़

बजट से नए रोजगार बढ़ने की उम्मीद

February 18, 2020 10:55 AM

नए बजट में आने वाले दिनों में नई नौकरियाँ सृजित होंगी । अधोसंरचना विकास पर भारी धनराशि के प्रावधान से नए रोजगार बढ़ेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में लाखों पद भरे जा सकेंगे। यह बजट निर्धन वर्ग और माध्यम वर्ग के लोगों को लाभ पहुँचाने वाला है। बजट 2020-21 में बैंकों की दशा सुधरेगी, साथ ही लोगों का बैंकों के प्रति भरोसा बढ़ेगा। इसका कारण है यदि पहले बैंकों में जमा धन गारंटी बैंक डूबंत की स्थिति में एक लाख रूपये थी, अब यह राशि सरकार ने पाँच लाख कर दी है। यानि कोई बैंक बंद होता या डूबता है तो सरकार ग्राहक के जमाधन पर पाँच लाख रूपये तक गारंटी लेगी । यह एक अच्छा कदम है।
आयकर में सरकार ने नया स्लैब दे दिया है। यह वैकल्पिक रहेगा । यदि करदाता नए स्लैब को अपनाता है तो उसे पहले की तरह मिलने वाले कटौती के लाभ छोड़ने होंगे। यदि वह पुराने स्लैब पर बना रहता है, तो पूर्व की तरह कटौतियों और छूट की उसकी पात्रता बनी रहेगी। अनेक लोगों का रूझान पूर्ववत स्लैब को अपनाने की और है। इसमें करदाता की बचत होगी। इससे उसकी क्रय क्षमता बढ़ेगी। रियल इस्टेट में पिछले दो सालों से मंदी बनी हुई है। भवन निर्माता घाटे में चल रहे हैं। उनके भवन बने पड़े हैं, परन्तु मांग कम होने से विक्रय नहीं हो पा रहे हैं। माँग बढ़ाने के लिए बजट में प्रोत्साहन दिया गया है। कहा गया है कि जो ग्राहक 31 मार्च 2021 तक गृह ऋण लेंगे, उन्हें कर में छूट मिलती रहेगी। इस प्रावधान से निजी खर्च में वृद्धि की संभावना उभरी है।
आशा है भवन निर्माता इस अवधि की छूट का प्रचार अपने विज्ञापनों में करेंगे, जिससे कि लेट भवन के ग्राहक इस ओर आकर्षित होंगे। आधारभूत संरचना के विकास के लिए 102 लाख करोड़ के प्रावधान से निर्माण कार्य बढ़ेंगे। केन्द्र शासति प्रदेश और 18 राज्यों के 6500 परियोजनाओं के क्रियांवचन से लाखों रोजगार सृजित होंगे। परियोजनाओं के लिए ऋण लेने का कार्य बढ़ेगा इससे बैंकों को भी लाभ होगा। ऐसे ऋण बैंकों के लिए लाभप्रद माने जाते हैं, जो ढांचागत सरकारी परियोजनाओं से संबंधित हों। ऐसे ऋणों पर ज्यादातर सरकार की ओर से गारंटी रहती है, इसलिए बैंकों को सुरक्षा मिलती है।
अधोसंरचना विकास के लिए किये गए प्रावधान के लिए राजस्व जुटाना सरकार के लिए एक कठिन चुनौती होगी। इधर काफी समय से देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती का वातावरण है। उपभोक्ताओं की क्रय क्षमता बढ़ेगी तभी तो बाजार में मांग बढ़ेगी। अभी ये दोनों बातों में नरमी बनी हुई है। इसमें सुधार लाए बिना बाजार में रौनक नहीं आएगी।
चालू वित्त वर्ष में जीडीपी साढ़े सात फीसदी रही, जबकि लक्ष्य बारह फीसदी का था। इस वित्तीय वर्ष में अठारह हजार करोड़ का ही विनिवेश कठिनाई से हो सका है। इसके विरूद्ध वर्ष 20-21 के लिए सरकार ने 2.1 लाख करोड़ का विनिवेश लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करना एक कठिन चुनौती है।
शिक्षा के क्षेत्र में 99,300 करोड़ का आवंटन हुआ है। इससे स्कूलों और महाविद्यालयों की संख्या बढ़ेगी । शिक्षा का स्तर सुधरेगा । नए शिक्षकों की भर्तियां हो सकेंगी। कुल मिलाकर शिक्षा के क्षेत्र में काफी बदलाव आएगा । किसानों की आय दोगुनी करने के प्रयास बजट में किये गए हैं। इसके साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए अस्पतालों का खुलना, अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाया जाना शामिल है। बजट में जनसंख्या नियोजन, गरीबी, उन्मूलन, पर्यावरण सरंक्षण, हवाई अड्डों का विकास, औद्योगिक विकास, निजी क्षेत्र के सहयोग से डाटा सेंटर बाने, पीपीपी योजना से डेढ़ सौ ट्रेनें चलाने तथा गाँवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का प्रावधान स्वागत योग्य कदम है।

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